Friday, December 31, 2010

""हुस्न जब मेहरबान हो"" ..........................................................................

हुस्न जब मेहरबान हो, तो क्या कीजिये 
इश्क की मगफिरत की दुआ कीजिये !


(Magfirat: pardon)


इस सलीके से उनसे गिला कीजिये 
जब गिला कीजिये हँस दिया कीजिये !


Love 4 each other
दूसरों पर अगर तब्सिरा कीजिये 
सामने आईना रख लिया कीजिये !


(Tabsiraa : criticism)


आप सुख से हैं, तर्क-ऐ-ताल्लुक के बाद 
इतनी जल्दी ना ये फैसला कीजिये !


कोई धोखा ना खा जाए मेरी तरह 
ऐसे खुल के ना सबसे मिला कीजिये !
हँस के सब से मिला कीजिये ---------!


............MISHRA ...............!

Friday, December 17, 2010

हम तो तेरी बातें ही सुनाने आये...............!!

हम तो तेरी बातें ही सुनाने आये ,
दोस्त भी दील ही दुखाने आये !



फूल खिलते हैं तो,हम सोचते हैं ,
अब तेरे हुस्न में निखर आये ,
तेरे आने के शाम आये !

हम तो तेरी बातें ही सुनाने आये !!

ऐसे कोई छुपने से लगते हैं, जैसे
हम उन्हें दर्दे हाल अपनी सुनाने आये !!

इश्क तन्हा है सर-ऐ-मंजिल-ऐ-गम ,
कौन ये बोझं उठाने आये !!

हम तो तेरी बातें ही सुनाने आये !!

अजनबी क्यूँ हो जाते?दोस्त हमें देख के,
हम कुछ तुझे याद दिलाने आये !!

दील धक्–धक् धधकता है ,
सफ़र के हंगामे सोच कर,
काश फिर कोई बुलाने आये !!

हम तो तेरी बातें ही सुनाने आये !!

अब तो रोने से भी दील दुखता है,
शायद अब होश ठिकाने आये !!

हम तो तेरी बातें ही सुनाने आये !!

क्या कहीं फिर कोई बस्ती उजड़ी,
लोग क्यूँ-न-जाने जशन मनाने आये !!

हम तो तेरी बातें ही सुनाने आये !!

सो रहा मौत के पहलुओं में "फ़र्ज़",
नींद किस वक़्त ना-जाने आये ,
रात किस वक़्त ना-जाने आये!!

हम तो तेरी बातें ही सुनाने आये !!

अब तो इंतजार है,बुलबुल की चू-चू की,
सुबह किस वक़्त ना जाने आये .......!!
दोस्त किस वक़्त ना-जाने आये.......!!

हम तो तेरी बातें ही सुनाने आये .....!!

Wednesday, December 15, 2010

KOI TO MILE..................

मन्न  में उमंग सी उठी ही , 
दील की बात कीसी से कहने की, मगर
चमन मे भूल से कोई तो राजदार  मीले !!

कोई तो हो जो अपने लीए भी बेकरार मीले ,
सीत्मगीरी तो बहूत है जहां में ऐ दोस्त ,
कबी तो तेरी नज़र में मेरा खुमार मीले !!

ज़माने वालों ने समझा है बेवफा मुझको,
फूल बोये थे हमने ,बदले में कहर मीले
वो एक शख्स जीसमे चाह थी अपनी,
फ़क़त वही ना मीला, लोग बेशुमार मीले !!

वो मेरा दोस्त भी और जफाखाश भी है,
उसके दील में मेरी खातीर कोईहीसार मीले !!

मेरा कातील कोई दुश्मन को  समझता था मैं,
ढूँढने नीकला तो रस्ते में मेरे यार मीले !!

इस भरी-भीड़ मे मै तनहा  हूँ ,
जब  मीला है कोई ! उसको  बेकरार  मील !! 

जब मीले  कोई तो बेशुमार मील ............!!
जब  मीले कोई तो प्यार से मील ...........!!

Tuesday, December 14, 2010

Believe in yourself!!! without expecting from other!!

I have learned,
I came alone and,
I have to go alone!!


I have learned, 
People are with you,
Only when they need you!!


Not otherwise!


I have learned,
Extra care of anyone by you,
Will ultimately bring a blame on you!!


Not appreciation! 


I have learned ,
A simple lie by your close one,
Can break you more than anything!!


Ultimately.. I have learned, 
Love yourself & Love people, but


Only if you can do it,
Without expecting anything from them!!


As I Think.....



Give respect to people,
they will return to you!

So, y not I start 1st......

Saturday, October 16, 2010

FEEL IT FROM HEART>>>>>>

मैं कोई लेखक नहीं,
मैं कोई सायर नहीं ,
ना मैं कोई रचनेवाला रचेता हूँ !!


मेरे शब्द कीसी सायर की सायरी नहीं ,
कीसी ग़ालिब की ग़ज़ल नहीं ,
मेरी लीखावट कीसी कीताब की नक़ल नहीं!!

ये तो मेरे गुजरे हुए कल की ,
दर्द -इ -नुमा पन्नों के पहलूँ है !!

इसे कीसी कवी की कविता ना शमझ बैठना ,
इसे कीसी सायर की सायरी ना शमझ बैठना ,
ये तो मेरे तेरी चाहत की नीशानी है !!

मैंने हर एक शब्द को अपने दील से उतरा है ,
एक एक शब्द को तेरी इंतेजार की धुप से सीचा है ,
इसे सीर्फ शब्द ना शमझ ना !

इसमें तेरी चाहत का दर्द है ,
दील से शमझ्ना, इसके हर शब्द को ,
दील से लगा कर महशुस करना हर शब्द को!!

तुझे मेरे दीवानेपन की एह्स्सास होगा ,
ऐ दीवानों की दील की आवाज़ है,
दील से महसूस करना इस शब्द को !!

ऐ ओ दीवानेपन के दर्दे शाम की शब्द हैं,
जो तुझे भी दीवाना कर देंगे, दर्दे उस शाम के !!

इसे सीर्फ ग़ालिब की ग़जल मत शम्झ्ना!


मैं कोई ग़ालिब नहीं,
ऐ कोई ग़जल नहीं !!

मैं कोई शयर नहीं
ऐ कोई सायरी नहीं !!

मैं कोई लेखक नहीं
ऐ कोई कहानी नहीं !!

मैं तो दीवाना हूँ , तेरी चाहत का ,
और ऐ शब्द मेरी दीवानगी की नीशानी!!!


आ तू भी बन जा दीवाना,
साथ दे मेरे दीवानेपन को!!

मैं कोई ग़ालिब नहीं ,
ये कोई ग़ज़ल नहीं !!!


!!!.........Mishra....!!!

Thursday, October 14, 2010

what happens when one falls in love>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>

दील लगाने की खता जब हम कर बैठे
तब आशुओं से भी करनी पड़ी हमे सगाई!

अब जब वक़्त के आईने मे देखता हूँ
और बैठे-बैठे सोचता हूँ ,
" कॅहा गये वो लम्हे ,
जब मासूका की याद में
हम आहे भरा करते थे
सड़क पर खड़े होकर उसकी राह देखा करते थे."

हर पल, हर  छन बीत जाता है
अनजाने  ख़यालों की उधेरबुन में
नही भूल पता मैं
वो मुलाकात भी
जब बीना कहे गुज़र गयी
बगल से वो मेरे
उस वक्त तो
नज़रें भी मील जाती मेरी
तब मन ही मन मान लेता
उसको साथी  अपनी मैं!!

दरअसल, साथ उसका
साथ ना हुआ तो क्या
दर्द लिए जी तो रहा हूँ
कम से कम
उसकी यादों के सहारे जी तो रहा हूँ!!!

सफ़र जिंदगी का कर रहा हूँ
कहीं  भटकते ,
कहीं  लटकते
कई दरवाजे खटखटाते
तस्वीर लीए उसकी
तस्वीर खोजता हूँ!!
ऐसी तकदीर खोजता हूँ,
जॅन्हा दफ़न हो जिंदगी मेरी
वान्हा उसकी एक झलक खोजता हूँ!!!

गर्मजोशी से कहूँ तो
इस धधकते आग में
एक नमी चाहता हूँ
वक़्त की रुसवाई नही
दील्लगी चाहता हूँ.

बस में उसकी ,एक झलक चाहता हूँ!!!!
mishra....!! 

Wednesday, October 13, 2010

MOTHER IS GREAT>>>>>>>>>>>>


Simply having children doesn't make Mother!

Mother understand what a children not say!
mother is fuel behinds every great man!
Mother heart is the child's first SCHOOLROOM


Biology is the least of what make someone a mother!

A good Mother worth hundreds of school Master!

Mother Lap is most beautiful bed for child in the world!

Mother have solution of each & every problem of their child!

Mother always ready to  sacrifice life for her child!!

so, finally Mother is main part of life!

without mother life is meaningless!


thus give respect to every MOTHER!!!!