Friday, January 22, 2010

India..... &..... Indian............!!!



जियो जियो ऐ हिन्दुस्तान

जाग रहे हम वीर जवान,

जियो जियो ऐ हिन्दुस्तान !



हम प्रभात की नई किरण हैं

हम दिन के आलोक नवल,

हम नवीन भारत के सैनिक,

धीर,वीर,गंभीर, अचल ।



हम प्रहरी उँचे हिमाद्रि के,

सुरभि स्वर्ग की लेते हैं ।



हम हैं शान्तिदूत धरणी के, छाँह सभी को देते हैं।

वीर-पुरुष आंसू माँ की आँखों के हम नवीन उजियाले हैं

गंगा, यमुना, हिन्द महासागर के हम रखवाले हैं।



तन मन धन तुम पर कुर्बान,

जियो जियो अय हिन्दुस्तान !



हम सपूत उनके जो नर थे अनल और मधु मिश्रण,

जिसमें नर का तेज प्रखर था, भीतर था नारी का मन !



एक नयन संजीवन जिनका, एक नयन था हालाहल,

जितना कठिन खड्ग था कर में उतना ही अंतर कोमल।



थर-थर तीनों लोक काँपते थे जिनकी ललकारों पर,

स्वर्ग नाचता था रण में जिनकी पवित्र तलवारों पर

हम उन वीरों की सन्तान ,

जियो जियो ऐ हिन्दुस्तान !



हम सीकारि विक्रमादित्य हैं अरिदल को दलनेवाले,

रण में ज़मीं नहीं, दुश्मन की लाशों पर चलनेंवाले।



हम अर्जुन, हम भीम, शान्ति के लिये जगत में जीते हैं

मगर, शत्रु हठ करे अगर तो, लहू वक्ष का पीते हैं।



हम हैं शिवा-प्रताप रोटियाँ भले घास की खाएंगे,

मगर, किसी ज़ुल्मी के आगे मस्तक नहीं झुकायेंगे।



देंगे जान , नहीं ईमान,

जियो जियो अय हिन्दुस्तान।



जियो, जियो ऐ देश! कि पहरे पर ही जगे हुए हैं हम।



वन, पर्वत, हर तरफ़ चौकसी में ही लगे हुए हैं हम।

हिन्द-सिन्धु की कसम, कौन इस पर जहाज ला सकता ।



सरहद के भीतर कोई दुश्मन कैसे आ सकता है ?

पर की हम कुछ नहीं चाहते, अपनी किन्तु बचायेंगे,



जिसकी उँगली उठी उसे हम यमपुर को पहुँचायेंगे।

हम प्रहरी यमराज समान

 जियो जियो ऐ हिन्दुस्तान!

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Friday, November 13, 2009

नकाब ..................

सोते हैं मेरे साथ तो,
हट कर ना सोइए!
वो साथ सोना भी क्या सोना,
अगर लिपट कर ना सोए !

डरता हूँ की कही ,माह
की नजर ना लग जाए !
सब को नकाब से
उलट कर ना सोइए!

Thursday, November 12, 2009

POEM

A lost little boy,
Alone in the sea.
A sad little soul,
That boy is me.



Nobody knew,
Nobody saw,
I never fought it,
I would fall.



Farther and farther,
Into the dark.
Falling fast,
The pain forever lasts.

yadein....................

आज सोचा तो आंसू भर आये
मुदत्ते हो गई मुस्कुराए !
हर कदम पर उधर मुर कर देखा
उनकी महफ़िल से हम उठ चले आये!

रह गई जिंदगी दर्द बनके
दर्द दिल में छुपाये छुपाये!
आज सोचा तो आंसू भर आये
मुदत्ते हो गई मुस्कुराए!

दिल की रगें टूटती है
याद इतना भी कोई ना आये!
आज सोचा तो आंसू भर आये
मुदत्ते हो गई मुस्कुराये!
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Jina to hai......

अब दुनिया का मुझको कोई पता तो दे
 मंजिल न दे सके रास्ता तो दे !


माना की सब रास्ते दुस्वार हैं ,मगर
जीना तो बहरहाल है ,होंसला तो दे !


मैं जनता हूँ ख्वाब तेरा सिर्फ ख्वाब है
मिलना ना हो नसीब मगर फासला तो दे!


कब तक ख्याल में बनता रहूँगा मीर
जो लूट गया था मेरा वो काफिला तो दे!


जो मर गया है मुझ में मेरा वो रूप था
बरसों गुजर गये हैं अब फातेहा तो दे!
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Monday, November 9, 2009

love forever............

तुम हमारे नहीं तो क्या गम है
हम तुम्हारे तो हैं ये क्या कम है!


मुस्कुरा दो जरा खुदा के लिए
समे महफ़िल में रोशनी कम है!


ये जिन्दगी बन गई  यादे अब तो
अब मैं यादों में ढूंढता हूँ तस्वीर तेरी!


 जिन्दगी कम है तो क्या गम है
खुद से बढ़ कर तेरा गम है अब तो!


तुम हमारे नहीं तो क्या गम है
हम तुम्हारे हैं ये क्या कम है!