Thursday, January 31, 2013

मैं कहाँ खो गया........................................ !!

क्या बताऊँ दोस्तों मैं कहाँ खो गया इस भीड़ में 
मौसम तो आज भी सुन्हेरा है मगर हाल खो गया ,
वो रोब-ओ-दबदबा, वो सूरते आलम खो गया !
वो हुस्न बे मिसाल, वो जमाल(beauty) खो गया 
डूबे हैं जवाबों में पर सवाल खो गया,
क्या बताऊँ दोस्तों मैं कहाँ खो गया !
उरते जो फिजाओं में थे रफ़्तार न रहे !
उनका क्या बताऊँ मैं, वो दिन ना रहे, 
उनका वो अंदाज़-ऐ बेमिसाल खो गया.
ना ज़मीन रहा, ना वो लोग रहे !
क्या बताऊँ दोस्तों मैं कहाँ खो गया ....?

Sunday, January 27, 2013

तुम मेरी हो, प्यार से नहीं जिद से सही! ..............................!!

तुम मेरी हो, प्यार से नहीं जिद से सही!
नहीं दरवाज़ा जो खुल सकता तो खिड़की सही!
मैंने तो बस यूँ ही पूछा था की ....
मेरी होने में, तेरी बिगरता क्या है ?
वो बोली तेरी होने में, तुमको मिलता क्या है !!
क्या बताऊँ ये तो मैंने सोचा ही नहीं था,,,,,
मेरी होने में उसका, मुझे मिलता क्या है।
मैंने कुछ यूँ समझाने की कोशिस की यारों ..

देख मेरी मोहब्बत एक निशाब जैसा,
देख तेरा चेहरा एक किताब जैसा,
आज भी महकता है मेरे जानो जिगर में,
तेरा चेहरा एक खिलते गुलाब जैसा।
यकीन भी हैं तू मेरे दिल का,
गुमान भी हैं शराब जैसा।।।।
तू वो बासूरी हैं जो रख दूँ होंठ अपनी मैं,
तो दिल को मेरे छू ले रुबाब जैसा ......!!
मैं तो तेरा ऐतबार करता हूँ, दिलो जां से,
इसलिए आज भी इंतज़ार करता हूँ !!
इसलिए आज भी कहता हूँ दुनियां से
तुम मेरी हो, प्यार से नहीं जिद से सही!!


Saturday, September 22, 2012

दोस्ती.............................!

ए दुनियां वालों तुझे क्या कहूँ,
जब अपनों ने ही कुछ कहने ना दिया!
जब जरूरत थी मुझे उनकी......!!
तुम भी सुनो उसने जो कह,,,,,,,,,,,,,,
तलाश करो कोई तुम्हे मिल जायेगा !
दोस्तों मैं क्या कहूँ, उन्हें,,,,,,,,??
हमारी तरह उन्हें कोन चाहेगा!
ज़रूर कोई चाहत भरी नज़रों से देखेगा उन्हें,
मगर आँखें हमारी तरह कहाँ से लायेगा यारों !
उनकी थोड़ी-थोड़ी सांसों के लिए ,,,,,,,,
हमने अपनी ज़िन्दगी बेचीं यारों !
परछाइयों से तंग आके उनके,
हमने अपनी रौशनी बेचीं यारों !
अब जाने भी दो यारों, अब तो
आँखों में मेरे बस आँसू ही रह गए,
वरना दुनियां वालों ने तो दोस्ती भी बेचीं यारों !!

Tuesday, September 4, 2012

उसने कहा.....................................????

उसने कहा अब तुममे पहले सी बात नहीं,
उसे क्या बताना जिंदगी में अब उसका साथ नहीं!

उसके सवाल तो देखो ?

उसने कहा अब भी किसी के आँखों में डूब जाते हो ?
उसे क्या बताना अब किसी की आँखों में वो बात कहाँ !

उसके  बेगरज सवाल तो सुनो ..?
उसने कहा क्यूँ टूट के तुमने चाहा मुझे ?

उसे क्या बताता मेरे वि सीने में दिल है,
मैं कोई पत्थर तो नहीं ......!
उसने कहा मैं वेवफा हूँ ...?
मैंने कहाँ व्फ्फा की मुझे अब तलाश कहाँ !

उसकी नादानी तो देखो।।।?

उसने कहाँ भूल जा मुझको
मैंने कहाँ तुम हकीकत हो कोई ख्वाब नहीं ,
लोग तो ख्वाब नहीं भूलते मैं कैसे हकीकत को भूला दूँ !!

Monday, January 23, 2012

यू तुम मुझसे रूठा ना करो ...................................!!

यू तुम मुझसे खफ्फा क्यूँ हो ?
तुम्हें मुझसे गिला क्या है ?
अचानक बेरुखी क्यूँ इतनी ?

बता भी दो मेरा खता क्या है ?
मनाऊं किस तरह तुम को ?

मुझे इतना तो बतला दो !

मेरी मंजिल मोहब्बत है,
मुझे मंजिल पे पंहुचा दो !


यू तुम खफ्फा ना हो मुझसे !

ये तुम्हारी आँख में पानी
अब मुझे मुझे भी रुला रही है !

ये तुम्हारे नर्म होंटों की गिला
अब मुझे भी उदासी दिला रहा !

अब चलो मुस्कुरा भी दो 
तुम्हारे मुस्कुराने से,
मेरा दिल मुस्कुराता है !

यू तुम मुझसे रूठा ना करो 
तुम्हारे रूठ जाने से,
मेरा दिल टूट जाता है !!

!!------Mishra--------!! 

Friday, January 6, 2012

ख़ुशी है तेरे आने की.......!!

तेरे आने के आसरे पे काटें हैं ज़िन्दगी के दिन
ख्वाब-ओ-ख्याल हो गए थे मेरी ख़ुशी के दिन !!

तुम आए हमारे आशियाँ में, ये खुदा की कुदरत है
कभी हम तुमको, कभी अपने जहाँ को देखते हैं!!

तुम छुप के आये हो डरते हुए मेरे आशियाँ में
किसी और को ना खुदाया खबर करे कोई !!
है खबर गरम चारो ओर तेरे आने की
आज हमारा दिल ख़ुशी में डुब्बा है !!


आज हमे ख़ुशी है तेरे आने की.......!!

Sunday, November 20, 2011

उनसे मुलाक़ात का असर.....! .......................................!!

एक नज़र उसकी कहर ढाती है, 
एक कदम उसकी चाल लहराती है!!

 
दुआ देते हैं हम दीवाने जब तू आती-जाती है, 
गिरतें-उठते हैं लोग और तू हस्ती जाती है!!

कोई मन-ही-मन में हजारों बातें कर लेता है, 
कोई आँखों-आँखों में मुलाकात कर लेता है!!

 
बड़ी मुश्किल होता है उन्हें समझाना, जब

कोई ख़मोश रहकर भी सवाल कर जातें है!!

कुछ मदहोशी तो उसकी बातों की है, 
कुछ नशा तो धीमी बरसात का है !!

 
अरे यारों हमें तुम युही शराबी ना समझो, 
ये दिल पर असर तो उनसे मुलाक़ात का है!! 

ये तो दिल का कसूर है मेरा नहीं यारों जो,

रहता है मेरे सीने में बन के किसी और का यारों!!
  
ना खुदा दिल बनता, ना किसी-को-किसी से प्यार होता, 
ना किसी की याद अति ना किसी का इंतजार होता!!


चालों यारों अब क्या करना.........!
 
जब खुदा ने दिल दिया है तो इसे संभाल के रखों,
ये शीशे से भी नाजूक है, इसे पत्थर से दूर रखना!!