Thursday, October 14, 2010

what happens when one falls in love>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>

दील लगाने की खता जब हम कर बैठे
तब आशुओं से भी करनी पड़ी हमे सगाई!

अब जब वक़्त के आईने मे देखता हूँ
और बैठे-बैठे सोचता हूँ ,
" कॅहा गये वो लम्हे ,
जब मासूका की याद में
हम आहे भरा करते थे
सड़क पर खड़े होकर उसकी राह देखा करते थे."

हर पल, हर  छन बीत जाता है
अनजाने  ख़यालों की उधेरबुन में
नही भूल पता मैं
वो मुलाकात भी
जब बीना कहे गुज़र गयी
बगल से वो मेरे
उस वक्त तो
नज़रें भी मील जाती मेरी
तब मन ही मन मान लेता
उसको साथी  अपनी मैं!!

दरअसल, साथ उसका
साथ ना हुआ तो क्या
दर्द लिए जी तो रहा हूँ
कम से कम
उसकी यादों के सहारे जी तो रहा हूँ!!!

सफ़र जिंदगी का कर रहा हूँ
कहीं  भटकते ,
कहीं  लटकते
कई दरवाजे खटखटाते
तस्वीर लीए उसकी
तस्वीर खोजता हूँ!!
ऐसी तकदीर खोजता हूँ,
जॅन्हा दफ़न हो जिंदगी मेरी
वान्हा उसकी एक झलक खोजता हूँ!!!

गर्मजोशी से कहूँ तो
इस धधकते आग में
एक नमी चाहता हूँ
वक़्त की रुसवाई नही
दील्लगी चाहता हूँ.

बस में उसकी ,एक झलक चाहता हूँ!!!!
mishra....!! 

1 comment:

shiva said...

janab ye lines jo aapne likhe hai, itne khubshurat aur touching hai ki kya kahu, inhe bas padhte rehne ko ji chahta hai.....
jst to say superb and mind blowing,...
KEEP IT UP.
EAGERLY WAITING FOR THE NEXT BLOG TO GET UPLOADED ....
-:shiva:-